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Thursday, 4 February 2021

अलंकृत भाषा के साथ पेश बजट से सोच की दिशा बदल सकती है देश की दशा नहीं- हेमंत सिंह

लखनऊ ब्यूरो

अलंकृत भाषा के साथ पेश बजट से सोच की दिशा बदल सकती है देश की दशा नहीं- हेमंत सिंह

लखनऊ। किसी देश का उत्थान देश के निचले पायदान पर रहने वाले लोगों के विकास पर निर्भर करता है और यदि निचले पायदान को देश की नींव मानकर सरकार द्वारा नीति बनाई जाती है तो देश आगे की ओर अग्रसर होता है। यह बात सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के  प्रवक्ता हेमंत सिंह ने तहकीकात न्यूज़ से बजट पर बातचीत में कही।

हेमंत सिंह ने सरकार द्वारा पेश बजट पर कहा कि अलंकृत भाषा के साथ पेश बजट से लोगों की सोच की दिशा को बदला जा सकता है न कि देश की दशा को। सरकार द्वारा जो बजट लाया गया कोरोना जैसी महामारी झेलने वाले गरीब, छोटे उद्यमी , रोजगार की तलाश में भटकते युवा और मध्यम वर्गीय परिवार के लोगों की आशाओं पर पानी फेरने जैसा है। इनको उम्मीद थी कि इस बजट में उनके लिए राहत जैसे कदम उठाए जाएंगे किंतु ऐसा कुछ नहीं रहा।

सरकार को पूंजीपतियों का हितैषी बताते हुए हेमंत ने कहा कि वर्तमान सरकार पूंजीपतियों की कठपुतली बन गई है और उसके द्वारा बनाए जाने वाले सारी नीतियां पूंजीपतियों के हितों के इर्द-गिर्द घूमतीं है। सरकार के शीर्ष नेताओं द्वारा आमजन के भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। नेताओं को पता है कि कैसी-कैसी चिकनी चुपड़ी बातों से जनता को मूर्ख बनाना है और उनके द्वारा इस नीति को बखूबी अंजाम दिया जा रहा है। 

हेमंत ने कहा कि बजट पेश किए जाने के पहले से खुले आसमान तले अपनी जायज़ मांगों के लिए लड़ रहे किसानों के लिए सरकार ने क्या दिया है ? कुछ नहीं। केवल हठधर्मिता अपनाते हुए देश को गर्त में ले जाया जा रहा है किन्तु देश की जनता अब समझदार हो चुकी है और उसे ग़लत और सही में फर्क समझ आने लगा है।

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