क़ौमी बेदारी काउंसिल का हुआ आनलाईन वेबिनार आयोजित - Tahkikat News

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Tuesday, 6 July 2021

क़ौमी बेदारी काउंसिल का हुआ आनलाईन वेबिनार आयोजित

राकेश सिंह गोण्डा

क़ौमी बेदारी काउंसिल का हुआ आनलाईन वेबिनार आयोजित

गोंडा ।  क़ौमी बेदारी काउंसिल उत्तर प्रदेश के तरफ से ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन किया गया। इसमें वेबिनार की  सरपरस्ती जफरयाब जिलानी ने किया। इस वेबिनार में मुल्क के कमर आलम, मसूद जिलानी, अतहर नबी, जस्टिस एस.यू.खान, अमीम जामई, अब्दुल हफीज, प्रोफेसर अलीम सिद्दीकी, नय्यर कमाल, रईस अहमद उर्फ बब्बू प्रधान, डॉक्टर अतीक अहमद फारुकी, अब्बास इलाही, उस्मान अब्बास आदि ने हिस्सा लिया। वेबिनार का संचालन करते हुए डॉक्टर सुल्तान अहमद ने वेबिनार  मुल्क के मौजूदा हालात में हमारी जिम्मेदारी विषय पर रोशनी डालते हुए कहा कि जफरयाब जिलानी ने कौम ओ  मिल्लत के लिए हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। क्या है वह बाबरी मस्जिद का मामला हो, शरीयत का मामला हो, अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के अकलियत किरदार का मामला हो। अब नई पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह जफरयाब जिलानी के तजुर्बे से आगे काम करें। वेबिनार की शुरुआत डॉ आकिल हुसैन ने कुराने पाक पढ़कर शुरू किया। अतहर नबी ने कौम व मिल्लत में तालीम की अहमियत के साथ-साथ जॉब ओरियंटेड कोर्सेस पर जोर देने की बात कही। कमर आलम ने कौम ओ मिल्लत पर प्रकाश डाला। कौमी बेदारी काउंसिल उत्तर प्रदेश के महासचिव मसूद जिलानी ने वेबिनार में उपस्थित सभी वक्ताओं का परिचय कराया, एवं सभी को अपने-अपने विचार रखने हेतु आमंत्रित किया। वेबिनार की अध्यक्षता करते हुए मौलाना यासीन उस्मानी ने कहा की मौजूदा हालात में मायूस होने की जरूरत नहीं है। मुल्क में इससे पहले भी खराब हालात आए हैं। लेकिन मुस्लिम कौम ने मुल्क और मिल्लत की भलाई के लिए हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। मुसलमानों की पस्ती को दूर करने के लिए शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ हमें सियासी तौर पर मजबूत होने की जरूरत है। हम लोगों को मुल्क की सैकुलर ताकतों को मजबूत करना भी आवश्यक है।

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