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Thursday, 12 August 2021

मेगा क्रेडिट कैंप में डीएम ने लाभार्थियों को दिए ऋण स्वीकृति पत्र

राकेश सिंह गोंडा 


मेगा क्रेडिट कैंप में डीएम ने लाभार्थियों को दिए ऋण स्वीकृति पत्र

19 बैंकों के माध्यम से पात्रों को मिला 105 करोड़ से अधिक का लोन

गोण्डा।बुधवार को नगर के टाउन हाल में डीएम मार्कण्डेय शाही की अध्यक्षता में मेगा क्रेडिट कैम्प का आयोजन किया गया जिसमें जिलाधिकारी ने बैंकों द्वारा लाभार्थियों के ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किये। इस मेगा क्रेडिट कैम्प में 19 बैंकों द्वारा शासन से जनपद के लिए निर्धारित लक्ष्य 100 करोड़ रूपए के सापेक्ष 105 करोड़ से अधिक का लोन स्वीकृत कर लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र दिलाए गए।
इन्डियन बैंक के तत्वाधान में आयोजित मेगा कैम्प का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ करने के उपरान्त डीएम श्री शाही ने बैंकों द्वारा सरकारी योजनाओं में आवेदन पत्रों के निस्तारण के उपरान्त लाभार्थियों को दिये जा रहे लोन व सीडी रेसियो में सुधार के लिए बधाई दी गई। बैंकों से आशा की गई कि भविष्य में भी वह सरकारी योजनाओं में शीघ्रता से पात्र लाभार्थियों को चिन्हित कर उन्हें लोन वितरित करेंगे। इस अवसर पर बैंक प्रतिनिधियों द्वारा शत प्रतिशत लक्ष्यों की प्राप्ति करने के लिए आश्वस्त किया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि बैंकों का काम हैं कि एक सेक्टर के लोगों से धन जमा कर दूसरे सेक्टर के जरूरतमंद लोगों को ऋण के रूप में उपलब्ध कराएं जिससे वह रोजगार के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकें। बैंक एवं लाभार्थी एक दूसरे से जुड़े हुए हैं, लोगों का रोजगार चलने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी जिससे वह अपने धन को बैंकों में जमा करेंगे। बैंकों में धनराशि जमा होने से बैंक भी आर्थिक रूप से मजबूत बनेंगे। बैंकों को अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए लोगों को ऋण देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बैंकों के द्वारा ऋण देते समय लाभार्थी के समस्त प्रपत्रों के साथ ही साथ उसका अच्छी प्रकार से सत्यापन कराया जायें कि उनके द्वारा ऋण वापस किया जा सकता है या नहीं। किसी भी ऐसे व्यक्ति को ऋण न दिया जाये जिसने पूर्व में कोई ऋण लिया हो और जानबूझकर वापस न किया हो। इससे बैंकों को आर्थिक हानि के साथ साथ अन्य परेशानियां भी होती है। इसलिए जिन लोगों को वास्तव में लोन की आवश्यकता है और वह समय से लोन चुका सकते हैं उन्हें लोन दिया जाये। लाभार्थियों से भी अपील की गई कि वह जिस भी रोजगार के लिए बैंक से लोन लेते हैं तो समय से लोन अदा करें जिससे बैंक और लाभार्थी में विश्वास बना रहे। उन्होंने कहा कि बैंक और लाभार्थी के बीच में प्रशासन एक कड़ी का कार्य करता है। इसलिए बैंक और लाभार्थी के बीच में विश्वास बना रहना अतिआवश्यक है। मत्स्य पालन हेतु आरएएस सिस्टम के तहत 24 लाख का ऋण पाने वाली आदमपुर उमरी निवासी लाभार्थी किरन सिंह से वार्ता कर डीएम ने कहा कि वे पैसे का सदुपयोग कर अच्छा कार्य करें और महिलाओं के लिए प्रेरणाश्रोत बन सकें
इस अवसर पर एलडीएम अभिषेक रघुवंशी ने बताया कि कुल बैंकों द्वारा 105 करोड़ से ज्यादा का पहली बार लोन स्वीकृत किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्य युवा स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, ओडीओपी योजना के तहत ऋण प्रदान किया गया जा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी, इन्डियन बैंक के जोनल मैनेजर, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक रीजनल मैनेजर, विभिन्न बैंकों के मुख्य प्रबन्धक गण, सहायक निदेशक मत्स्य नन्हेलाल सहित बैंकों के प्रतिनिधि एवं लाभार्थी उपस्थित रहे।

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