स्वामी करपात्री जी को मिले भारत रत्न - प्रोफेसर विशंभर नाथ मिश्र - Tahkikat News

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Thursday, 12 August 2021

स्वामी करपात्री जी को मिले भारत रत्न - प्रोफेसर विशंभर नाथ मिश्र

कैलाश सिंह विकास वाराणसी

  स्वामी करपात्री जी को मिले भारत रत्न - प्रोफेसर विशंभर नाथ मिश्र 

 वाराणसी 11 अगस्त । धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के 114 हुए प्रकट उत्सव पर केदार घाट  स्थित करपात्री धाम में वेद शास्त्रनुसंधान  केंद्र के तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए संकट मोचन मंदिर के महंत प्रोफेसर विशंभर नाथ मिश्र ने कहा कि आदि शंकराचार्य के बाद धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज ऐसे संत हुए जो सनातन धर्म का जीवन भर प्रचार प्रसार करते रहे वह हर क्षेत्र में  राजनीतिक, साहित्यि, पत्रकारिता,  हर क्षेत्र में सनातन धर्म के बढ़ावा देने का कार्य किए उनके द्वारा अनेकों पुस्तकों का संपादन किया गया। साथ ही वह वेद उपनिषद के प्रचार प्रसार में जीवन भर लगे रहे ऐसे मनीषी को देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न मिलना चाहिए। इसके साथ ही करपात्री  धाम सहित काशी के सभी मठ मंदिरों का संरक्षण किया जाए क्योंकि इन मठ मंदिरों से ही सनातन संस्कृति का प्रवाह बना हुआ है। जिस दिन  यह नष्ट हो जाएगा, सनातन संस्कृति का भी प्रचार प्रसार बंद हो जाएगा। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर हरे राम त्रिपाठी ने कहा कि धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज द्वारा रचित पुस्तकों का अध्ययन कर लेने से ही हम सनातन संस्कृति को समझ सकते हैं उसके बारे में जान सकते हैं । स्वामी करपात्री जी महाराज ने सनातन संस्कृति को की पहचान को पूरे विश्व में रोशन किया। संगोष्ठी को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के धर्म विज्ञान संकाय के संकाय अध्यक्ष कमलेश झा, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के वेदांत विभाग के सुधाकर मिश्र, वेद विभाग संपूर्णानंद के महेंद्र पांडे, हरिद्वार स्थित हनुमान स्थित विद्या श्री विद्यालय अनुसंधान आश्रम से आए महेश चेतन ब्रह्मचारी ने भी संबोधित करते हुए कहा कि आज जरूरत है हमें धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी द्वारा बताए हुए रास्तों पर चलकर सनातन संस्कृति को बचाने की आज सनातन संस्कृति को बहुत ही तोड़  मोड़ के प्रस्तुत किया जा रहा है जो ठीक नहीं है सनातन संस्कृति को समझना होगा और इसके लिए हमें स्वामी करपात्री जी महाराज के जीवन से प्रेरणा लेना होगा ।  संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए कर पात्र धाम पीठाधीश्वर स्वामी सर्वेश्वरनंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज ने सनातन संस्कृति की रक्षा उसके विकास के लिए जो कार्य किया को अतुलनीय है । स्वामी करपात्री जी महाराज ने सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए सरकार, राज नेता यहां तक की पूरे विश्व से मोर्चा लेने की हिम्मत रखते थे ।आज सनातन संस्कृति का जो भी प्रचार प्रसार हुआ है उसमें बहुत बड़ा योगदान स्वामी करपात्री जी महाराज का है ।आज जरूरत है कि स्वामी करपात्री जी महाराज के द्वारा स्थापित संस्थानों का संरक्षण करने की साथ ही उनके द्वारा रचित पुस्तकों को घर घर पहुंचाने की तभी हम सनातन संस्कृति के बारे में जान पाएंगे ।  कार्यक्रम का संचालन दिव्य चैतन्य ब्रमह्चरी ने किया । 

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