साप्ताहिक संस्कृत दिवस का शुभारम्भ कल से- कुलपति त्रिपाठी - Tahkikat News

आज का Tahkikat

Friday, 20 August 2021

साप्ताहिक संस्कृत दिवस का शुभारम्भ कल से- कुलपति त्रिपाठी

कैलाश सिंह विकास वाराणसी


साप्ताहिक संस्कृत दिवस का शुभारम्भ कल से- कुलपति त्रिपाठी

वाराणसी। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो हरेराम त्रिपाठी  ने आज संस्कृत दिवस के पूर्व सन्ध्या पर कुलपति कार्यालय मे सभीसंकायाध्यक्षो एवं विभागाध्यक्षों के साथ एक बैठक कर कहा कि  कहा कि भारत में प्रतिवर्ष श्रावणी पूर्णिमा के पावन अवसर पर संस्कृत दिवस के रुप में मनाया जाता है।यहाँ पर दिनांक 19 अगस्त प्रारम्भ होकर 25 अगस्त 2021 तक एक सप्ताह का संस्कृत दिवस सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है जिसमे सभी संकायो के क्रमश:दिनांक 19 अगस्त को उद्घाटन  (20 अगस्त वेदवेदांग संकाय,21अगस्त साहित्य संस्कृति संकाय,22 अगस्त दर्शन संकाय,23 अगस्त श्रमण विद्या संकाय,24 अगस्त आधुनिक ज्ञान विज्ञान संकाय) तथा 25 अगस्त को समापन किया  जायेगा।
उक्त संस्कृत साप्ताहिक समारोह में उद्घाटन में कुलपति प्रो हरेराम त्रिपाठी के अध्यक्षता आयोजन होगा,जिसमें वी रामनाथन,मुख्य वक्ता,चमू कृष्ण शास्त्री विशिष्ट अतिथि,सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय,सोमनाथ,गुजरात के कुलपति प्रो गोपबन्धु मिश्र,सारस्वत अतिथि कुलाधिपति के विशेषकार्याधिकारी  श्री पंकज ज्ञानी होंगे।
कुलपति प्रो त्रिपाठी ने कहा कि ऋषि ही संस्कृत साहित्य के आदि श्रोत हैं,इसलिये श्रावणी पूर्णिमा को ऋषि पर्व और संस्कृत दिवस के रुप में मनाया जाता है ।सन 1969 में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के आदेश से केन्द्रीय तथा राज्य स्तर पर संस्कृत दिवस मानने का निर्देश जारी किया गया था।तब से सम्पूर्ण भारत में संस्कृत दिवस श्रावण पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है।
कुलपति प्रो हरेराम त्रिपाठी ने कहा कि श्रावण पूर्णिमा के दिन ही प्राचीन भारत में शिक्षण सत्र शुरु होता था,इसी दिन वेद पाठ का आरम्भ होता था तथा इसी दिन दिन छात्र शास्त्रों के अध्ययन का प्रारम्भ किया करते थें।पौष माह की पूर्णमा से श्रावण माह की पूर्णिमा तक अध्ययन बन्द हो जाता था।
कुलपति प्रो त्रिपाठीने कहा कि वर्तमान में भारत देश में ही नहीं,विदेशों में भी संस्कृत उत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता  है।इसमें केन्द्र और राज्य सरकारों का भी योगदान होता है। यह दिवस विद्यालयों में साप्ताहिक या पाक्षिक मनाया जाता है।

No comments:

Post a Comment

तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।