दबंगों के डर से कई ग्रामीणों ने छोड़ा घर खेत में बनाया आशियाना - Tahkikat News

आज का Tahkikat

Friday, 27 August 2021

दबंगों के डर से कई ग्रामीणों ने छोड़ा घर खेत में बनाया आशियाना


अरविन्द शर्मा कानपुर देहात

 दबंगों के डर से कई ग्रामीणों ने छोड़ा घर खेत में बनाया आशियाना



कानपुर देहात। जहां एक तरफ सूबे की सरकार लगातार उत्तर प्रदेश की जनता को सुरक्षित रखने का भरोसा दे रही है तो वहीं दूसरी तरफ दबंगों के हौसले इस तरह बुलंद है कि ग्रामीण घर छोड़कर खेतों में अपना आशियाना बनाए हुए हैं ग्रामीणों का कहना है कि दबंगों के भय से जान ना चली जाए  इसलिए हम लोग घर छोड़कर खेतों में रह रहे हैं

 दरअसल पूरा मामला मंगलपुर थाना क्षेत्र के भंदेमऊ ग्राम पंचायत के टिसौली गांव  का है जहां दबंगों ने कई घरों को अपना निशाना बनाया हुआ है दबंगों के भय से गांव से करीब 10 से 15 परिवार ने पलायन कर खेतों में रहने को मजबूर हैं पीड़ित परिवार का कहना है कि दबंगों ने धमकी देकर गांव से बाहर निकाल दिया है दबंगों का कहना है कि यदि गांव में दिखाई दिए तो जान से हाथ धोने पड़ेंगे दबंगों के भय से पीड़ित परिवारों ने खेतों में अपना आशियाना बनाया है वही जब पीड़ित परिवार से पत्रकारों ने बात की गई तो पीड़ित परिवार घबराए हुए नजर आए आपको  बता दें कि करीब 10 से 15 परिवार के लोग गांव से पलायन कर खेतों में रह रहे हैं पीड़ित परिवार का कहना है कि दबंगों ने धमकी देते हुए कहा है कि यदि गांव में दिखाई दिए तो जान से मार देंगे जिसके चलते पीड़ित परिवार गांव छोड़कर खेतों में बच्चों सहित पन्नी व त्रिपाल तानकर रह रहे हैं वही ग्रामीणों की हालत देख ग्राम प्रधान मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बात की और न्याय का भरोसा दिलाया हालांकि पीड़ित परिवार ने मंगलपुर थाने में न्याय की गुहार लगाई है लेकिन दबंगों के कहर से डरे ग्रामीण गांव में जाने से कतरा रहे हैं वही पीड़ित परिवार अपने छोटे-छोटे बच्चे लेकर खेतों में आशियाना बनाए हुए हैं

पीड़ित परिवार का साफ तौर पर कहना है कि अगर गांव में पहुंचे तो हमारे साथ अनहोनी हो सकती है दबंगों के भय से डरे सहमे ग्रामीण खेतों में रहने को मजबूर है ग्रामीणों ने बताया कि जमीनी विवाद को लेकर हल्की-फुल्की कहासुनी हुई थी जिससे दबंगों ने जान से मार देने की धमकी दे दी और गांव से पलायन करने को कहा परिवार में कोई घटना घटित ना हो इसलिए हम लोग गांव छोड़कर खेतों में रह रहे हैं वही गांव की महिलाए बच्चे सहित खेतों में रह रहे हैं हालांकि जिले के आला अधिकारी अभी तक पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचे ऐसे में सबसे बड़ी बात तो यह है कि आखिर कब यूपी से गुंडाराज खत्म होगा 

जहां एक तरफ सूबे की सरकार लगातार  महिला सुरक्षा का भरोसा दिलाती है तो दूसरी तरफ दबंगों का कहर देखने को मिल रहा है वहीं आपको बता दे की पीड़ित 10 से 15 परिवार लगातार खेतों में अपना आशियाना बनाए हुए हैं उन्होंने बताया कि गांव के दबंग लोगों का कहना है कि अगर गांव में दिखाई दिए तो उनके परिवार वालों को जान से मार देंगे व उनके परिवार वालों को घर से गायब करवा देंगे पीड़ित 10 से 15 परिवार लगातार डरा सहमा हुआ है आपको बता दें कि पुलिस प्रशासन अभी तक मौके पर नहीं पहुंचा है वही जो परिवार घर में दूर रहकर खेतों में आशियाना बनाए हुए हैं उनका कहना है कि उनके घर में खड़ी गाड़ियां ध्वस्त करने की दबंग लोग धमकी दे रहे हैं और सूत्रों की मानें तो उनके घर में खड़ी गाड़ियां ध्वस्त कर दी गई हैं बात की जाए अगर प्रदेश में भाजपा सरकार की तो लगातार भाजपा सरकार दबंगों के खिलाफ या तो प्रदेश छोड़ देने की बात कर रही है या फिर जेल में रहकर सजा भुगतना की बात  लगातार दबंगों के हौसले बुलंद देखने को मिल रहे हैं अब देखने वाली बात यह होती है कि पीड़ित 10 से 15 परिवार जो हैं वह कब अपने आशियाने में पहुंचेंगे या फिर इसी तरीके से खेतो में अपना गुजारा करेंगे वही बारिश के मौसम में जिस तरीके से पीड़ित परिवार अपना आशियाना बनाए हुए हैं और दबंग लगातार जान से मार देने की धमकी दे रहे हैं तो कब प्रशासन ध्यान देता है या फिर पीड़ित परिवार इसी तरीके से खेतों में अपना गुजारा करेंगे वही पीड़ितों की बात की जाए तो लगातार तीन से चार दिन से उनके बच्चे भूखे हैं जो दबंगों के डर से अपने घर से दूर रहने को मजबूर है।




No comments:

Post a Comment

तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।