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Friday, 10 September 2021

इकलौती बेटी काजल को मिला न्याय, मुठभेड़ में हत्यारा हुआ ढेर

कृपा शंकर चौधरी गोरखपुर

इकलौती बेटी काजल को मिला न्याय,  मुठभेड़ में हत्यारा हुआ ढेर


गोरखपुर। पुलिस ने काजल हत्याकांड में फरार चल रहे एक लाख के इनामी बदमाश विजय प्रजापति को मुठभेड़ में मार गिराया है। यह मुठभेड़ पुलिस व स्वॉट की संयुक्त टीम के साथ गगहा इलाके में गोबरहिया पुलिया के पास हुई। विजय घिर चुका था। तभी उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में उसे गोली लगी और घायल होकर गिर पड़ा।
पुलिस वालों ने उसे दबोचते हुए तत्काल अस्पताल पहुंचाया। वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। काजल हत्याकांड के बाद गोरखपुर पुलिस ने विजय पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। मुठभेड़ में विजय का एक साथी मौके से भाग निकला। पुलिस टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए तलाश कर रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ विपिन ताड़ा ने बताया कि गगहा थाना क्षेत्र में गश्त के दौरान दो संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दीये पुलिस ने रोकने का इशारा किया तो पुलिस पर फायरिंग करना शुरू कर दिए गगहा पुलिस और स्वाट टीम ने जवाबी कार्रवाई किया तो विजय प्रजापति घायल हो गया दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाते हुए भागने में सफल हो गया घायल विजय प्रजापति को जिला चिकित्सालय में तत्काल भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया  विजय प्रजापति गगहा थाना क्षेत्र का ही निवासी है जिसके ऊपर पुलिस ने एक लाख का इनाम घोषित कर रखा था काजल सिंह नामक लड़की को वीडियो बनाते समय गोली मारकर घायल कर दिया था जिसकी इलाज के दौरान लखनऊ में मृत्यु हो गई थी जिसे पुलिस तलाश कर रही थी घटना में संलिप्त अन्य सहयोगियों को पहले ही पुलिस जेल भेज चुकी है रात में इसके साथ भागे हुए अन्य साथी को पुलिस  गिरफ्तार करने के लिए टीम लगा दी है जिसे जल्द ही गिरफ्तार कर लेगी।
दरअसल, गुरुवार की रात पुलिस को विजय के गोबरहिया पुलिया के पास उसके होने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी शुरू की। इस दौरान वहां विजय प्रजापति और एक अन्य व्यक्ति आते दिखाई दिए। पुलिस ने रोकना चाहा तो विजय ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस टीम ने खुद का बचाव करते हुए जवाबी फायरिंग की। इसमें विजय घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल लाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विजय पर गोरखपुर, बाराबंकी और देहरादून में कई संगीन वारदात को अंजाम देने के मामले में मुकदमे दर्ज हैं। इसमें लूट के 12 से अधिक मुकदमे शामिल हैं। वह गोरखपुर के अलावा एनसीआर क्षेत्र में भी सक्रिय था। पुलिस ने उसके पास से एक बाइक, 2 पिस्टल CBI और हरियाणा पुलिस की फर्जी आई कार्ड भी बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक शहर से बाहर वह कभी पुलिस वाला तो कभी CBI का अधिकारी बनकर घूमता था और वारदातों को अंजाम देता था
गगहा इलाके के जगदीश पुर भलुवान निवासी राजीव नयन सिंह का अपने ही गांव के शातिर अपराधी विजय प्रजापति से पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद था। इसे लेकर 21 अगस्त की रात करीब 11.30 बजे विजय प्रजापति राजीवन नयन सिंह के दरवाजे पर चढ़कर राजीव नयन सिंह को मारने लगा। शोर सुनकर 16 वर्षीय पुत्री काजल सिंह घर से बाहर निकल आई और अपने पिता को पिटता देख मोबाइल में वीडियो बनाने लगी।नाराज होकर विजय ने काजल के पेट में गोली मार दी और उसका मोबाइल छिनकर साथियों संग फरार हो गया। घायल काजल को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। वहां उसकी हालत काफी नाजुक होने के कारण लखनऊ केजीएमसी रेफर कर दिया गया। घटना के 6 दिन बाद भी पेट से गोली नहीं निकाली जा सकी थी। 26 अगस्त की सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इसी के बाद पुलिस विजय की सरगर्मी से तलाश कर रही थी।

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