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Tuesday, 14 September 2021

हिंदी को सरकार राष्ट्रीय भाषा घोषित करें - कालीशंकर

कृपा शंकर चौधरी गोरखपुर

हिंदी को सरकार राष्ट्रीय भाषा घोषित करें - कालीशंकर

गोरखपुर।आज हिंदी दिवस पर गोरखपुर के चौरीचौरा के समाजवादी पार्टी के नेता काली शंकर मांग करते हुए कहा कि हिंदी को सरकार राष्ट्रीय भाषा घोषित करें।

काली शंकर ने कहा कि जैसा कि आपको पता है कि हिंदी भारत की राष्ट्रीय भाषा नहीं है जिसका खुलासा मेरे आर.टी.आई से हो चुका है। मेरे द्वारा दाखिल आर.टी.आई. DPOOL/R/2019/80005 के तहत भारत सरकार के गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्वारा मिली सूचना के अनुसार जानकारी मिली की भारत की राष्ट्रीय भाषा हिंदी नहीं है। भारत की कोई भी भाषा राष्ट्रीय भाषा नहीं है, संविधान में इसका कोई उल्लेख नहीं है। हिंदी हमारी राष्ट्रीय भाषा नहीं बल्कि राज भाषा है।  आजादी के लगभग 75 वर्षो के बाद भी हमारी हिंदी को राष्ट्रिय भाषा का दर्जा न मिल पाना शर्मनाक है। 

सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिंदी में भाषण देकर खूब सुर्खियां बटोरीं, लेकिन वे इसे राष्ट्रीय भाषा का दर्जा दिलाने के लिए क्या कर रहे हैं? जनता उनसे ज़वाब माँग रही है। 

आगे बोलते उन्होंने कहा कि हम हिंदी बोलने और लिखने वालो का भी कर्तव्य बनता है की हम आगे आये और अपनी मातृ भाषा को राष्ट्रीय भाषा का दर्जा दिलाकर कर्ज अदा करे। बहुत बड़े-बड़े हिंदी के अख़बार, टीवी चैंनल और पत्रकार जो हिंदी की खाते - पीते है वो भी हिंदी को राष्ट्रीय भाषा का दर्जा दिलाने के नाम पर मुँह छिपाते हुए चुप है।  



श्री शंकर ने कहा कि भाजपा की नरेंद्र मोदी सरकार से माँग करते है कि हिंदी को आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय भाषा का दर्जा दिया जाये जिसके लिए यदि संविधान में संसोधन करना पड़े तो भी किया जाये। हम इसके लिए एक जनहित याचिका दर्ज करने जा रहे है। हिन्दी गंगा-जमुनी संस्कृति की ध्वजावाहक है, हिन्दी वह भाषा है, जिसे हिन्दू और मुसलमान दोनों बोलते हैं और जो नागरी अथवा फारसी लिपि में लिखी जाती है। 

राम प्रसाद बिस्मिल की कविता "हिंदी केवल हमारी भाषा ही नहीं बल्कि मां है, हिंदी हमारी भाषा का वो धागा है जिसने हमें और आपको एक सूत्र में बांधे रखा है का याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि शायद भारत ही दुनिया का ऐसा इकलौता देश है जहां संविधान में कोई राष्ट्रीय भाषा नहीं है।


  

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