किसी भी शिक्षकों का उत्पीड़़न ना किया जाए - उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा - Tahkikat News

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Saturday, 4 September 2021

किसी भी शिक्षकों का उत्पीड़़न ना किया जाए - उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा

कैलाश सिंह विकास वाराणसी

किसी भी शिक्षकों का उत्पीड़़न ना किया जाए - उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा

शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर किया गया शिक्षक सम्मान समारोह

       वाराणसी 4 सितंबर। शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने सरोजा पैलेस में आयोजित कार्यक्रम में "शिक्षक सम्मान समारोह" में शिक्षकों का सम्मान किया।
         डॉ शर्मा ने कहा कि आप सौभाग्यशाली शिक्षक हैं। आप सभी के साथ तीन सौभाग्य जुड़ते हैं, एक काशी के निवासी हैं, दूसरा जीवन के साथ मरण भी मोक्षदायिनी है और तीसरा देश के प्रधानमंत्री व संसदीय क्षेत्र के निवासी शिक्षक है।
          उन्होंने कहा कि मैं नेता बाद मे, सबसे पहले अध्यापक हूं। उन्होंने अपने जीवन की यात्रा का वर्णन करते हुए कहा कि मैं 17 बार कंपटीशन में बैठा और 16 में सिलेक्शन हो गया। सिर्फ बैंकिंग क्लर्कियल में फेल हो गया। तब मैं समझा कि बैंक की क्लर्कियल का कंपटीशन सबसे कठिन होता है।
      उन्होंने कहा कि आज भी शिक्षक के रूप में पठन-पाठन का कार्य को सुखद समय मानता हूं, जिससे आत्मा संतुष्टि होती है।  आप शिक्षक है इससे ज्यादा प्रतिष्ठा नहीं हो सकती। क्योंकि आज के बच्चे टीचर बनेंगे, ऐसा अब बहुत कम बच्चे कहते हैं।
            डॉ शर्मा ने कहा कि एक शिक्षक को अनवरत विद्यार्थी बनकर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी अध्यापक की कोई प्रताड़ना ना हो। शिक्षा गुणवत्ता परक होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पिछले साढे 4 सालों में 250 माध्यमिक तथा 75 डिग्री कॉलेज खोले गए। माध्यमिक स्कूलों में 6500 पदों का सृजन किया गया।डॉ शर्मा ने कहा कि दिसंबर तक बचे हुए सभी प्रमोशन पूर्ण करा लिए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि नगर शिक्षक को बगैर मांग के विनियमितीकरण किया गया। जिस दिन भी शिक्षक रिटायरमेंट हो, उसे उसके अनुसार तत्काल सभी आवश्यक चीजें उन्हें मिल जाना चाहिए।  जिससे उनका उत्पीड़न ना हो।डॉ शर्मा ने कहा कि शिक्षक कभी भी सेवानिवृत्त नहीं होता है। वह एक सेवा छोड़कर, दूसरे सेवा में तल्लीन हो जाता है तथा वह "सेवाव्रती" हो जाता है।उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित अध्यापक - अध्यापिकाओं से कहा कि सुखी मन अध्यापक रहे। प्रदेश में नाम रोशन करता रहे। टीचर बनना अपने आप में एक अलग अनुभुति होती है। शिक्षकों के चेहरे का तेज प्रेरणादाई होता है।कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वागत करते हुए शहर दक्षिणी के विधायक एवं राज्यमंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी ने सभी गुरुजनों का शीश नवाकर प्रणाम किया व सभी का अभिनंदन किया।
उन्होंने कहा कि यह बहुत ही अद्भुत क्षण है। काशी के विकास की परिकल्पना को लेकर मोदी जी ने कार्य किया है।उन्होंने कहा कि मोदी जी के अनुकंपा से पहली बार ऐसा हो रहा है कि परिषदीय विद्यालय में प्रवेश के लिए भी मारामारी हो रही है।डॉ तिवारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों के जर्जर भवनों का भी सौंदर्यीकरण करा रही है।कार्यक्रम का संचालन चारु चंद्र त्रिपाठी तथा धन्यवाद ज्ञापन भाजपा महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय ने किया।महानगर मीडिया प्रभारी किशोर कुमार सेठ के अनुसार कार्यक्रम में मुख्य रूप से कुलपति विद्यापीठ माननीय त्यागी जी, प्रदेश उपाध्यक्ष व विधान परिषद सदस्य लक्ष्मण आचार्य, माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड के सदस्य डॉ हरेंद्र राय, संयुक्त शिक्षा निदेशक, बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह, डॉ विनोद कुमार राय, डॉ सुमन मिश्रा, संदीप जोहर, शैलेंद्र मिश्रा, नलिन नयन मिश्र, गोपाल गुप्ता, संदीप चौरसिया आदि उपस्थित रहे। 


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