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Monday, 20 September 2021

स्वराज्यध्वज यात्रा रथ पहुँचा काशी विश्वेश्वर के दर्शन हेतू वाराणसी में

कैलाश सिंह विकास वाराणसी

स्वराज्यध्वज यात्रा रथ पहुँचा काशी विश्वेश्वर के दर्शन हेतू वाराणसी में
 
 
 वाराणसी। महाराष्ट्र के एनसीपी के प्रसिद्ध युवा विधायक और एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के पोते रोहित पवार द्वारा परिकल्पित स्वराज्य ध्वज पूजन यात्रा नें आज उत्तर प्रदेश में प्रवेश किया हैं। आज उत्तर प्रदेश के जगविख्यात काशी विश्वनाथ मंदिर में ध्वज यात्रा नें भेंट दी, जहां ध्वज का मंगल पूजन किया गया। इस अवसर पर राकांपा के उत्तर प्रदेश पूर्वी पूर्वांचल उपाध्यक्ष संजय सिन्हा, सुहास बळवंत पाटील, अशोक गोपीनाथ शिंदे, संतोष पाटील, संजय सिन्हा, राजेश कुमार, गिरीष श्रीवास्तव, प्रेम यादव, सुरज पासवान आदी पदाधिकारी उपस्थित थे। महाराष्ट्र के सभी जिलों से गुजर रही इस स्वराज ध्वज मुहिम की यात्रा अब महाराष्ट्र के बाहरी राज्यों से भी हो रही हैं । इसी की शुरूवात कल बिहार राज्य से हुई, जहां विख्यात बोध गया गांव स्थित महाबोधी मंदिर यह स्वराज ध्वज यात्रा कल पहुँची । स्वराज्य ध्वज यात्रा का महाराष्ट्र के बाहरी राज्यों में यह पहला चरण हैं तथा उत्तर प्रदेश राज्य में दुसरा पडाव हैं ।
अहमदनगर जिले के कर्जत स्थित सद्गुरु संत श्री गोदड महाराज के मंदिर में गत सप्ताह गुरुवार को, 9 सितंबर की सुबह ध्वजपूजन के साथ इस यात्रा का शुभारंभ हुआ था। एनसीपी विधायक रोहित पवार के हातों ध्वजपूजन के बाद स्वराज्य ध्वज यात्रा शुरू की गई थी। अब तक महाराष्ट्र के १८ जिलोंसे गुजरी स्वराज्य ध्वज यात्रा 12,000 किलोमीटर का सफर तय कर महाराष्ट्र लौटेंगी। महाराष्ट्र के कुल 36 जिलों, भारत के 6 राज्यों, और 74 प्रेरणा स्थानों पर जाने के बाद ये यात्रा दशहरा के शुभ अवसर पर महाराष्ट्र लौटेगी। उसके बाद अहमदनगर में 74 मीटर लंबा भगवा झंडा  लहराया जाएगा। शायद ये देश ही नहीं बल्कि दुनिया का सबसे ऊंचा झंडा होगा।
 
सभी जिलों और शहरों में स्वराज्य ध्वज यात्रा का उत्साहपूर्ण स्वागत किया जा रहा हैं। स्वराज्य ध्वज सभी जातियों और धर्मों के लोगों का ध्वज है और इस यात्रा का आयोजन महाराष्ट्र और छत्रपती शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित स्वराज्य के गौरवशाली इतिहास के बारे में सभी देशवासी अवगत हो इस लिए किया गया है,  यह बात विधायक रोहित पवार ने स्पष्ट कि हैं। यह ध्वज यात्रा अगले २६ दिनों तक जारी रहेगी, और लोग इसमें खुद होकर शामील हो रहे है। इस यात्रा के दौरान कोरोना नियमों का सख्ती से पालन करने की सूचनाएँ दी गई है, ऐसी जानकारी भी रोहीत पवार ने दी है। 
 
 
महाराषट्र के खर्डा में छत्रपती शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित हिंदवी स्वराज की सबसे बडी लडाई निजाम के खिलाफ हुई। इस लडाई में स्वराज को महान जीत हासिल हुई। अहमदनगर के शिवपट्टण किले पर यह लडाई हुई थी। किले का ऐतिहासिक महत्व को समझते हुए रोहित पवार ने इस क्षेत्र को एक नई पहचान देने का फैसला किया है और महाराष्ट्र का गौरव बढ़ाने के कारण उन्हों ने स्वराज्य का भगवा झंडा अपने कंधों पर उठा लिया है। इसी प्रेरणा से दुर्ग परिसर में भव्य ध्वजारोहण किया जाएगा और देशभक्ति की अपार ऊर्जा देने वाले शौर्य के प्रतीक 74 मीटर ऊंचे भगवा ध्वज को फहराया जाएगा। यह स्वराज्य ध्वज पूजन यात्रा लोगों की पूर्ण भागीदारी और सहयोग से होगी। ऐसा विश्वास रोहित पवार ने व्यक्त किया है। 
 
स्वराज्य ध्वज कार्यक्रम में भाग लेने के लिए https://rohitpawar.org/swarajyadhwaj इस वेबसाइट का लाँच भी किया गया है, साथ ही 9696330330 इस नंबर को भी जारी किया गया है।

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