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Friday, 24 September 2021

अभी जितनी महंगाई है उससे ही लोगों की कमर टूट गई है- अखिलेश यादव

लखनऊ ब्यूरो

अभी जितनी महंगाई है उससे ही लोगों की कमर टूट गई है- अखिलेश यादव

लखनऊ । सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री  अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार जाने किस अपराध में जनसाधारण को ज्यादा से ज्यादा तकलीफें देने पर आमादा है। अभी जितनी महंगाई है उससे ही लोगों की कमर टूट गई है अब उस पर और ज्यादा जुल्म करने का भी इरादा हो गया है। गरीब तो पहले से ही सांसे गिन रहा था अब मध्यमवर्ग को भी मिटाने की योजना पर अमल शुरू हो गया है। भाजपा की जनविरोधी नीतियों से पूरे देश में आक्रोश है। लोग अब भाजपा के जाने और समाजवादी पार्टी को जिताने का संकल्प ले चुके हैं।
    अपने हर वादे को कूड़े के ढेर में फेंक देने वाली भाजपा ने संकल्प-पत्र (घोषणा-पत्र) में मंहगाई और भ्रष्टाचार कम करने की घोषणा जोरशोर से की थी। लेकिन सत्ता में आने के बाद भाजपा ने हर दिन लोगों को मंहगाई की आग में जलाया है। ताजी सूचना है कि त्योहार के मौसम में पेट्रोल-डीजल के साथ रसोई गैस के दाम और ज्यादा बढ़ सकते हैं। सरकार के आंतरिक सर्वे में आया है कि उपभोक्ता एक हजार रूपए का सिलेंडर भी खरीद सकते हैं।
    पेट्रोल-डीजल के दामों में भारी बढ़ोŸारी के बाद परिवहन की दरों में भारी उछाल आया है और आवागमन मंहगा हुआ है। डीजल खेती के काम में इस्तेमाल होता है जिससे सिंचाई की लागत भी बढ़ गई है। वैसे भी किसान बदहाल है उसे न तो फसल का लागत मूल्य मिल रहा है और नहीं प्रधानमंत्री जी के वादे की दुगनी आय हासिल हुई। किसान को न ही एमएसपी मिली और नहीं अतिवृष्टि, बाढ़, जल भराव के कष्ट पर मुआवजा मिला।
    करोड़ों मुफ्त गैस कनेक्शन का ढिंढोरा पीटने वाले मुख्यमंत्री जी जनता से तो रूबरू होते नहीं इसलिए उन्हें लोगों की मुश्किलों की जानकारी ही नहीं होती है। वे इसलिए अपना राग अकेले ही अलापते रहते हैं। गरीब परिवार ‘उज्जवला‘ के मंहगे सिलेंडर भरवाने में असक्षम है। अभी गैस सिलेंडर 190.50 रूपये मंहगा हो गया है। सरकार इसके दाम और बढ़ाकर जनता के धैर्य की परीक्षा लेने पर आमादा है।
    गरीब महिलाओं को सशक्त बनाने के नाम पर उज्ज्वला योजना के आंकड़े बढ़-चढ़कर बताये जाते हैं पर जमीनी हकीकत यह है कि तमाम लाभार्थी जो गरीब और मजदूर है दुबारा अपना सिलेंडर रिफिल नहीं करा पाए हैं। घरों में औरतें आज भी रसोई में चूल्हें में फूंककर रोटी पकाती हैं और बदले में चूल्हें का धुआं उनके फेफड़ों को रोज संक्रमित करता है। बताते हैं 78 फीसदी से ज्यादा परिवार फिर लकड़ी जलाकर खाना बनाने लगे है। देशी चूल्हें ही गांवों में काम आ रहे हैं।
    कुल मिलाकर भाजपा सरकार रसोई गैस और पेट्रोल डीजल के दामों में बेतहाशा वृद्धिकर ‘ऐतिहासिक कर वसूली‘ करके जनता से जो कमाई कर रही है उसका इस्तेमाल वह अपने राजनीतिक फायदे और चुनावी एजेंडे के तहत राजनीतिक रोटियां सेंकने के काम में करेगी। लेकिन कहावत है काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती है। प्रदेश का बच्चा-बच्चा जान गया है कि भाजपा झूठ और नफरत की राजनीति करती है और लोगों को भटकाने-बहकाने का काम करती है। सन् 2022 के चुनाव में वह अब भाजपा के किसी झांसे में नहीं आएगी और समाजवादी पार्टी को ही सत्ता में प्रतिष्ठित करेगी।  

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