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Sunday, 26 September 2021

राजकुमारी विष्णुप्रिया ने मोदी-योगी से लगायी गुहार, कहा- अब भीख मांगने के सि‍वा कोई चारा नहीं

कैलाश सिंह विकास रिपोर्ट डा अनुपम गुप्ता

राजकुमारी विष्णुप्रिया ने मोदी-योगी से लगायी गुहार, कहा- अब भीख मांगने के सि‍वा कोई चारा नहीं

वाराणसी रामनगर।  काशीराज परंपरा में संपत्ति को लेकर दरार काफी बढ़ चुकी है। काशीराज परिवार के सदस्य अनंत नारायण सिंह और उनकी बहनें महराज कुमारी विष्णु प्रिया, हर प्रिया और कृष्ण प्रिया के बीच खटास बढ़ चुकी है। ये सभी बहनें आज भी रामनगर किले में ही निवास करती हैं, जबकि भाई और राज परिवार के सदस्य अनंत नारायण सिंह के मुताबिक इन्हें पर्याप्त संपत्तियां दी जा चुकी हैं। तत्काल रामनगर किले से निकल जाना चाहिए। काशी नरेश की 2000 में मौत के बाद से यह रार शुरू है। 

महाराजकुमारी ने कि‍या प्रेस कॉन्‍फ्रेंस 

संपत्ति के मामले में हेरफेर को लेकर रविवार को काशीनरेश की पुत्री महाराजकुमारी विष्णुप्रिया ने नदेसर स्थित मिंट हाउस में दोपहर 2 बजे से प्रेस-कांफ्रेंस किया, जिसमें महाराजकुमारी विष्णुप्रिया ने बताया कि उनके पिता काशिराज विभूति नारायण सिंह ने संपत्तियों में बराबर की हिस्सेदारी की थी। जो संपत्तियां उन्हें विरासत में मिली उसे हमारी सहमति के बेचना नियम के विरूद्ध है। 

भीख मांगने के सि‍वा कोई चारा नहीं 

महाराजकुमारी वि‍ष्‍णुप्रि‍या ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदि‍त्‍यनाथ को पि‍ता बताते हुए मांग की है कि‍ वे भी उनकी बेटी के समान हैं और बेटी को न्‍याय दि‍लायें, अन्‍यथा अब उनके पास भीख मांगने के सि‍वा कोई  और चारा नहीं बचा है। उन्‍होंने कहा कि‍ प्रधानमंत्री और मुख्‍यमंत्री मालि‍क हैं और मालि‍क पि‍ता के समान होता है। मैं दोनों को पि‍ता मानते हुए कहती हूं कि‍ मेरे पास अब कोई चारा नहीं है। मुझे न्‍याय दि‍लाया जाए। 

पि‍ता ने भाई और तीनों बहनों को बनाया था वारि‍स 
महाराजकुमारी विष्णु प्रिया ने पूरे मामले को वि‍स्‍तार से बताते हुए कहा कि संपत्ति बटवारे के समय पिता ने हम चारों भाई बहन से वसीयत में साइन कराया था, सबसे पहले महाराजकुंवर अंनंत सिंह, फिर महाराजकुमारी विष्णुप्रिया, महाराजकुमारी हरप्रिया और महाराजकुमारी कृष्णप्रीया ने साइन किया, जिसके बाद मैनें पिताजी से पूछा था कि यह साइन किस लिये तो उन्होंने बताया कि यह संपत्ति आप चारों की है, जब आप चारों सपतत्ति अपनी भाभी कों देंगे तब ही उन्हें यह मिलेगी ऐसे नहीं। उसी दिन मैं वारिस हो गई थी, पर मुझे नहीं पता था कि मेरा छोटा भाई मेरा साथ ऐसा करेगा ये मुझे सपने में भी ख्याल नहीं आया। 

पहले ध्‍यान नहीं दि‍या, अब ऑब्‍जेक्‍शन कि‍या 

विष्णुप्रिया ने बताया कि जिस वक्त जमीन सबके नाम हुई उस वक्त मुझे मालूम ही नहीं थी ये बात क्यों कि मैं बहुत छोटी थी। 2001 में जब मैं इलाहाबाद कुंभ से लौटी तो मेरे नौकर ने बताया कि शत्रुघ्न सिंह ने पटवारी को 20-20 हजार रुपये देकर आपलोगों का नाम कटवा दिया है। इसके पहले पेट्रोल पंप बनावाया गया तो भी हमने कुछ नहीं बोला, पर जब उसे बेचा गया तो मैनें ऑब्जेक्शन किया। 

जमीन बेचेंगे तो महाराज कौन कहेगा 

सिनेमा हॉल जिस जमीन पर बनी उसपर लोन था उसे पूरा करने के लिए सिनेमा हॉल के आगे की जमीन बेचनी पड़ी तो बाउजी ने एक ही बात कही की अगर परेड की जमीन को आपलोग बेच देंगे तो आपके भाई को बनारस महाराजा कौन मानेगा। इसके बाद लोन चुकाने के लिए मैंने अपना कमच्‍छा का जमीन बेचा। 
गहनों को भी हड़प रहे महाराजकुंवर : वि‍ष्‍णुप्रि‍या 
जब कुंवर ईशान का जनेऊ हुआ तो उसमे जो चांदी के आभूषण मिला उस सारे सामान को मेरे भाई ने जब्त कर लिया। हमारे सारे जेवरात जो बाबुजी ने हमे पहनाकर कन्यादान किया था वो सब हड़प लिया गया। अब जमीन छीना जा रहा, बिजली भी रात को 2 बजे काट दी गई। 
10 साल से खर्च देना बंद कर दि‍या है : वि‍ष्‍णुप्रि‍या 
कला मंदिर म्यूजि‍यम जब बनाया गया तो उसमें से मुझे 1500 रुपये प्रतिमाह मिलता था जिसमें हमारा गुजर बसर हो जाता था। आज जब उस टिकट का दाम 70 रुपया हो गया तो स्टे वाले झगड़े के बाद मुझे वो भी मिलना बंद हो गया। 10 साल हो गए मुझे खर्च देना बंद हो गया। 
जो कागज में लि‍खा है वो मुझे मि‍लना चाहि‍ए : वि‍ष्‍णुप्रि‍या 

विष्णुप्रिया ने कहा कि मैं प्रशासन और शासन से यही चाहती हूं कि जो कागज में लिखा है वो मुझे मिलना चाहिये। किसी के जमीन पर बैनामा करवा देने से वह उसका नहीं हो जाता। उन्होंने कहा सरकार और प्रशासन मेरी कोई मदद नहीं कर रही है। उन्होंने कहा मैं सीएम योगी से अपील करना चाहती हूं कि मेरी मदद करे और मुझे बताए मैं कहा जाऊं। 

सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद बि‍क रहीं जमीनें : वि‍ष्‍णुप्रि‍या 

वाराणसी के कोदोपुर स्थित एक जमीन पर न्यायालय में सुनवाई चल रही है। उनकी पीड़ा है कि भाई अनंत नारायण के लोग उस जमीन पर कब्जा करते चले जा रहे हैं। विष्णुप्रिया की उत्तर प्रदेश पुलिस से भी काफी नाराजगी है। उन्होंने अंदेशा जताया कि पुलिस से इस बात की शिकायत की गई, उसका कोई असर नहीं है। जमीनें बिकने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। सरकार की आड़ में यह सब हो रहा, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा रखी है।

कुंवर से कि‍ये गये सभी लेनदेन अवैध होंगे : विष्‍णुप्रि‍या 

विष्णुप्रिया ने कहा कि काशिराज की संपत्तियों में 4 हिस्सेदारी है। इसलिए कोई व्यापारी या संस्थान कुंवर अनंत नारायण सिंह और अनिल सिंह से किसी प्रकार का लेनदेन करते हैं तो वे सभी अमान्य और अवैध होंगे। वहीं इस लेनदेन से होने वाले नुकसान की जिम्मेदार बहनें नहीं होंगी।

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