विद्वत समाज देश को नई दिशा प्रदान करता है - योगी आदित्यनाथ - Tahkikat News

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Sunday, 5 September 2021

विद्वत समाज देश को नई दिशा प्रदान करता है - योगी आदित्यनाथ

कैलाश सिंह विकास वाराणसी

विद्वत समाज देश को नई दिशा प्रदान करता है - योगी आदित्यनाथ

शिक्षक दिवस के अवसर पर कैंट विधानसभा में आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने सभा को किया संबोधित

वाराणसी । उत्तर प्रदेश के  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज शिक्षक दिवस के अवसर पर काशी की पावन धरती पर शिक्षकों का सम्मान करके मै धन्य हो गया हूँ।
    मुख्य मंत्री  योगी आज यहां  भारतीय जनता पार्टी द्वारा कैंट विधानसभा क्षेत्र के कमच्छा स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय के चाणक्य सभागार में आयोजित प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। काशी की पावन धरती पर सभी को नमन करते हुए उन्होंने इस अवसर पर 11 विशिष्ट विभूतियों का स्वागत और अभिनंदन करते हुए कहा कि सुबह से ही मै बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर रहा था,मेरा सौभाग्य है कि काशी की पावन धरती पर आप सभी विशिष्ट विभूतियों का अभिनंदन करने का मुझे अवसर प्राप्त हुआ है।
      मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सर्वपल्ली डॉक्टर राधाकृष्णन की जयंती को हम सभी शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं। काशी की धरती से उनका पुराना संबंध रहा है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में किए गए उनके योगदान को पूरा विश्वविद्यालय परिवार आज भी याद करता है। काशी प्राचीन काल से ही सनातन धर्म का केंद्र रहा है। पूरी दुनिया में काशी को जानने के लिए उत्सुकता बनी रहती है।
 श्री योगी ने कहा कि हम सभी का सौभाग्य है कि पिछले 7 वर्षों से मोदी जी को सांसद चुने जाने के बाद नए कलेवर व पुरातन आत्मा के साथ काशी देश व दुनिया के लिए नजीर बनती जा रही है। भौतिक विकास के अनुरूप काशी आगे बढ़कर प्रदेश ही नहीं बल्कि देश को भी नेतृत्व  प्रदान कर रही है।
 मुख्यमंत्री योगी जी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में काशी में विकास और नए कलेवर के रूप में प्रस्तुत करने और उसे आगे बढ़ाने का हम सभी को सौभाग्य प्राप्त हुआ है। काशी जन्म से लेकर अंतिम यात्रा तक उदाहरण प्रस्तुत करती है।
 श्री योगी  ने कहा कि प्रवासी भारतीय सम्मेलन के 15 वें संस्करण, जिसका आयोजन काशी में मोदी जी के नेतृत्व में सफल हुआ था, वह अब तक का सबसे शानदार आयोजन माना गया है। बाबा विश्वनाथ व मां गंगा की कृपा से वह आयोजन अविस्मरणीय हो गया है। उन्होंने टेंट सिटी और प्रयागराज कुंभ की भी चर्चा की।
 उन्होंने कहा कि हमें इस आयोजन के माध्यम से प्रदेश व देश की धारणा को भी बदलना था कि पहले दंगे के नाम पर, भ्रष्टाचार के नाम पर, शासन व प्रशासन में माफियाओं का शिकंजा होता था,इतना ही नही उत्तर प्रदेश का नाम सुनकर पहले ही लोग बाहर का रास्ता देखने लगते थे। परंतु प्रधानमंत्री मोदी जी ने जो विजन लिया, उसे हमने मिशन के रूप में लेकर उनके योगदान को आगे बढ़ाया।  आज देश में उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को सबसे उत्तम माना जाता है। आज जो व्यापक परिवर्तन दिखाई दे रहा है, वह सिर्फ सरकार का नहीं, बल्कि हर व्यक्ति के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। मीडिया, मजदूर व हर फील्ड का व्यक्ति, अपने अपने क्षेत्रों में कार्य किया। इसी कारण आज प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय भी, देश के प्रति व्यक्ति की आय से आगे दिखाई दे रही है।
 श्री योगी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश निवेशकों की दृष्टि से 14वें स्थान पर हुआ करता था, परंतु मात्र 4 वर्ष की मेहनत से आज दूसरे स्थान पर ला दिया गया है। 
करोना के प्रथम लहर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब दुनिया कोरोना से जूझ रही थी, तो प्रधानमंत्री के निर्देशन में कोटा के छात्रों के अभिभावकों से चर्चा करके वहां पर, सरकार द्वारा बसे भेजकर वहां के बच्चों को उनके घर सुरक्षित तरीके से भेजा गया तथा प्रयागराज में 15000 बच्चे, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे, उन्हें भी सुरक्षित तरीके से अपने घर पहुंचाने का काम सरकार ने किया। साथ ही 40 लाख श्रमिक कामगारों को ट्रेन में बसों के माध्यम से उनके घरों तक पहुंचाया और यही नहीं 21 दिनों तक सारी सुविधाओं के साथ क्वारंटाइन करते हुए उन्हें वापस उनके घर भेजा गया। 
श्री योगी  ने कहा कि आज पूरे प्रदेश में कोविड के 4 लाख टेस्ट प्रतिदिन करने की क्षमता है।
 उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में चीन का पहला निवेश 5000 करोड का निवेश डिस्प्ले यूनिट मे लगा। उसके बाद 66 हजार करोड़ का निवेश उत्तर प्रदेश में कराया। पीएम केयर और अन्य केंद्रीय सहायता के सहयोग से पूरे प्रदेश में 555 ऑक्सीजन प्लांट प्रदेश सरकार में लग रहे  है।
 श्री योगी  ने कहा कि जो काशी में प्रयोग होता है वह हर जगह सफल होता है। इसकी चर्चा करते हुए कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की परियोजना को मां विंध्यवासिनी धाम, अयोध्या तथा ब्रज क्षेत्र मथुरा में भी लागू किया।
 श्री योगी  ने कहा कि प्रदेश में प्लास्टिक पर बैन लगने के बाद प्रजापति व कुम्हार समाज को पूरे प्रदेश में गांव की मिट्टी को निशुल्क उपलब्ध कराया गया।
 उन्होंने कहा कि पहले चीन से लक्ष्मी गणेश जी की मूर्ति आयात होती थी, मगर अब माटी कला बोर्ड से जुड़े कुम्हारों ने सस्ते में मूर्तियां बनानी शुरू कर दी।
  श्री योगी ने कहा कि लोग मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत मिशन से जुड़कर स्वावलंबन की ओर बढ़ रहे हैं, तो मुझे आत्मीय प्रसन्नता होती है।
उन्होंने कोरोना के तीसरे लहर को चैलेंज के रूप में स्वीकार करते हुए कहा कि चुनौती में से ही रास्ता निकालना होगा।
 श्री योगी ने विद्वत समाज एवं शिक्षकों का आह्वान किया कि कोविड महामारी के साथ, खुद गांव गांव जाकर ओपन स्कूल के तहत पुरातन परंपरा को आगे बढ़ाएं।
श्री योगी  ने कहा केंद्र व प्रदेश की सरकार अपनी जन कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से भयमुक्त वातावरण के लिए पूरी पारदर्शिता व ईमानदारी के साथ काम कर रही है।
 उन्होंने कहा कि विद्वत समाज देश व प्रदेश को एक नई दिशा देता है।
 कार्यक्रम के प्रारंभ में श्री योगी  ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं दीनदयाल उपाध्याय जी के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलन किया।      
     
सम्मानित होने वाले शिक्षक गण

डा नंदिता शास्त्री 
डा संजय पाठक
डा सुनील मिश्र 
आनंद प्रभा सिंह
 डॉक्टर जेपी लाल
 रश्मि सिंह
डा दीनानाथ सिंह
 प्रोफेसर कौशल किशोर मिश्रा
प्रोफेसर संजय कुमार गुप्ता
प्रोफेसर ओ पी भारतीय 
प्रोफेसर रामेश्वर नाथ चौरसिया
        स्वागत भाषण महानगर अध्यक्ष विद्या सागर राय ने किया। 
     संचालन अभिषेक मिश्रा ने व धन्यवाद ज्ञापन कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने किया। 

   कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति
                          
 कार्यक्रम के दौरान मंच पर क्षेत्रीय अध्यक्ष महेश चंद श्रीवास्तव, कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्यमंत्री द्वय डॉ नीलकंठ तिवारी, रविंद्र जायसवाल, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विद्यासागर राय, कैंट विधानसभा प्रभारी राम लखन सिंह भी उपस्थित रहे।
  महानगर मीडिया प्रभारी किशोर कुमार सेठ के अनुसार कार्यक्रम में पूर्व विधायक डॉक्टर ज्योत्सना श्रीवास्तव, डॉ वीणा पांडेय, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी नवरतन राठी, डॉक्टर सुनील मिश्रा, सह मीडिया प्रभारी संतोष सोलापुरकर, किशोर कुमार सेठ,अमित राय, शैलेंद्र मिश्रा, नवीन कपूर, जगदीश त्रिपाठी, अशोक पटेल, इंजीनियर अशोक यादव, साधना वेदांती, डॉक्टर रचना अग्रवाल, बृजेश चौरसिया, नीरज जायसवाल, दिलीप साहनी, मधुप सिंह, अभिषेक वर्मा गोपाल, जगन्नाथ ओझा, अजय प्रताप सिंह, राम मनोहर द्विवेदी, शत्रुध्न पटेल, जितेंद्र यादव, कुणाल पांडेय, कुशाग्र श्रीवास्तव, ऋतिक मिश्रा आदि शामिल रहे।

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